“Shakti Divas: Iron Supplementation for Anemia Control in Rajasthan”” Rajasthan
“राजस्थान में शक्ति दिवस: आयरन पूरकता और एनीमिया नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
“Shakti Divas: Iron Supplementation for Anemia Control in Rajasthan”
परिचय
भारत में एनीमिया (खून की कमी) एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, खासकर महिलाओं और बच्चों में।
खून की कमी को एनीमिया कहा जाता है इससे मुक्ति के लिए सरकार ने शक्ति योजना राजस्थान में शुरू की है।
इसे ध्यान में रखते हुए, राजस्थान सरकार ने शक्ति दिवस कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके तहत हर मंगलवार को लक्षित व्यक्तियों को आयरन की खुराक दी जाती है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य एनीमिया की रोकथाम और प्रबंधन करना है, जिससे बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को कम किया जा सके।
शक्ति दिवस की शुरुआत और उद्देश्य”Shakti Divas: Iron Supplementation for Anemia Control in Rajasthan”
शक्ति दिवस कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान में सरकार द्वारा राष्ट्रीय एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत की गई थी।
इसका मुख्य लक्ष्य एनीमिया की रोकथाम के लिए आयरन सप्लीमेंटेशन (Iron Supplementation) को नियमित रूप से लागू करना है।
इस पहल के तहत हर मंगलवार को सभी लक्षित आयु समूहों को आयरन की खुराक दी जाती है, ताकि उनके शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा बनी रहे और वे एनीमिया से बच सकें।
इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य:
बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की दर को कम करना।
नियमित आयरन पूरकता (supplementation) के माध्यम से शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार करना।
कुपोषण और एनीमिया से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को रोकना।
गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण देकर स्वस्थ प्रसव को सुनिश्चित करना।
शक्ति दिवस के तहत आयरन पूरकता योजना”Shakti Divas: Iron Supplementation for Anemia Control in Rajasthan”
1. आंगनवाड़ी स्तर पर आयरन सप्लीमेंटेशन
आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों और महिलाओं को आयरन की खुराक दी जाती है:
6 माह से 59 माह तक के बच्चों – प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को 1ML आयरन सिरप दिया जाता है।
5 से 9 वर्ष तक के गैर-विद्यालयी बच्चे – प्रत्येक मंगलवार को आयरन पिंक टैबलेट दी जाती है।
10 से 19 वर्ष की किशोरी बालिकाएं – प्रत्येक मंगलवार को आयरन ब्लू टैबलेट दी जाती है।
गर्भवती और धात्री माताएं – जिनके पास आयरन की पर्याप्त मात्रा नहीं होती, उन्हें आयरन की लाल गोलियां दी जाती हैं।
2. विद्यालय स्तर पर आयरन पूरकता योजना
विद्यालयों में भी इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है:
कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों – प्रत्येक मंगलवार को आयरन की गुलाबी गोली दी जाती है।
कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों – प्रत्येक मंगलवार को आयरन की नीली गोली दी जाती है।
डेटा एंट्री और मॉनिटरिंग – महीने के अंतिम मंगलवार को आयरन पूरकता की प्रविष्टि शाला दर्पण पोर्टल पर की जाती है और इसे लॉक भी किया जाता है।
3. एनीमिया स्क्रीनिंग और टेस्टिंग
लोगों की स्वास्थ्य स्थिति को समझने के लिए लक्षण आधारित स्क्रीनिंग की जाती है। अगर किसी व्यक्ति में एनीमिया के लक्षण पाए जाते हैं, तो उनका Hb (हीमोग्लोबिन) टेस्ट किया जाता है।
4. लाईन लिस्टिंग और उपचार
जिन लोगों में एनीमिया की पुष्टि होती है, उनकी लाइन लिस्टिंग तैयार की जाती है। इसके तहत:
एनीमिया से प्रभावित व्यक्तियों की सूची बनाई जाती है।
जिनका उपचार शुरू हो चुका है, उनकी अलग से सूची तैयार की जाती है।
नियमित निगरानी के माध्यम से उनकी स्थिति का आकलन किया जाता है।
शक्ति दिवस का प्रभाव और भविष्य की योजना
राजस्थान में शक्ति दिवस कार्यक्रम से लाखों बच्चों और महिलाओं को लाभ हुआ है।
इस पहल से एनीमिया की दर में कमी आई है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
आगे चलकर सरकार इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करने की योजना बना रही है।
निष्कर्ष”Shakti Divas: Iron Supplementation for Anemia Control in Rajasthan”
शक्ति दिवस राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आयरन पूरकता और एनीमिया नियंत्रण के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार कर रही है।
यह कार्यक्रम न केवल पोषण स्तर को बढ़ाने में सहायक है, बल्कि एक स्वस्थ समाज की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
अगर इसे सही तरीके से लागू किया जाए और नियमित निगरानी की जाए, तो यह
आने वाले वर्षों में एनीमिया के मामलों को काफी हद तक कम कर सकता है।
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